झारखंड स्वास्थ्य विभाग विवाद: मंत्री इरफान अंसारी का बाबूलाल मरांडी पर पलटवार, एंबुलेंस और घोटाले के आरोपों को बताया गलत

झारखंड स्वास्थ्य विभाग विवाद: मंत्री इरफान अंसारी का बाबूलाल मरांडी पर पलटवार, एंबुलेंस और घोटाले के आरोपों को बताया गलत

Jharkhand Health Department Controversy

Jharkhand Health Department Controversy

रांची। Jharkhand Health Department Controversy, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा स्वास्थ्य विभाग में घोटाले एवं अनियमितता के लगाए आरोप का पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि बाबूलाल ने जिन 251 एंबुलेंस के बेकार पड़े होने की बात कही है, वे उन एंबुलेंस को एक सप्ताह में दिखाएं। नहीं तो उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की छवि खराब करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को आरसीएच, नामकोम में प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर बिना तथ्यों के जनता को गुमराह करने और राज्य सरकार की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया।

उन्होंने बाबूलाल को फर्जीवाड़ा का हेड मास्टर बताया। कहा, नसीहत दी कि उन्हें निम्न स्तर की राजनीति से बचनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जनता की जिंदगी से जुड़ा विभाग है, जहां परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने पड़ते हैं।

आरोपों पर मंत्री ने सफाई दी कि दवा की खरीद के बाद उनकी गुणवत्ता की जांच अधिकृत लैब में कराई जाती है। जो दवा लैब टेस्ट में फेल हो जाती है अथवा आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाते, उसका वितरण नहीं किया जाता।

ऐसी दवाओं के खिलाफ किसी प्रकार का भुगतान भी नहीं किया गया है। दवा एक्सपायर होने के आरोप पर कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टाक रखना अनिवार्य होता है। बताया कि कुल दवा खरीद की तुलना में एक्सपायर्ड दवाओं की लागत एक प्रतिशत से भी कम है।

सीएजी की रिपोर्ट में आयकर दायित्व पर उठाई गई आपत्ति को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंडेंटर से प्राप्त राशि पर अर्जित ब्याज निगम की आय नहीं, बल्कि संबंधित इंडेंटर की राशि होती है। इस मामले में आयकर विभाग के समक्ष अपील दायर की जा चुकी है तथा छह अप्रैल को सीएजी को आधिकारिक जवाब भी उपलब्ध करा दिया गया है।

पीएल खाते की राशि को लेकर बाबूलाल के आरोप पर उन्होंने कहा कि झारखंड ट्रेजरी कोड, 2016 के अनुसार दो वित्तीय वर्षों के बाद राशि सरेंडर करने का प्रविधान है, लेकिन योजनाओं की आवश्यकता को देखते हुए वित्त विभाग से री-वैलिडेशन की प्रक्रिया जारी है।

इसका जवाब भी समय पर सीएजी को भेजा जा चुका है। उन्होंने कंसलटेंट शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव की नियुक्ति में अनियमितता के आरोप को भी खारिज किया।

सही देख सकें इसलिए बाबूलाल को देंगे दूरबीन

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष किसी चीज को सही ढंग से देखें, इसके लिए उन्हें दूरबीन देंगे। बकायदा मंत्री प्रेस कांफ्रेंस में दूरबीन लेकर आए थे।

उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम संवेदक को बाबूलाल ने उनका रिश्तेदार बताते हुए काम देने का आरोप लगाया था। बाद में उस संवेदक ने बताया कि काम नहीं मिलने पर झूठा आरोप लेकर वह उनके पास गया था।